दिल्ली की राजनीति में हाशिए पर पहुंच गई कांग्रेस के लिए 23 अगस्त को होने वाला बवाना (सुरक्षित) विधानसभा उपचुनाव एक बड़ा मौका है। तीन लाख से ज्यादा मतदाता वाले इस सीट का समीकरण कांग्रेस के अनुकूल रहा है जिसे पिछले चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने पक्ष में कर लिया था। फरवरी 2015 के विधानसभा चुनावों में ‘आप’ को मिली प्रचंड जीत के बाद दिल्ली के हर चुनाव में आप का असर घटता ही जा रहा है।
नई दिल्ली : चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि आजकल हर हाल में चुनाव जीतने का चलन बना है. रावत ने कहा, “लोकतंत्र तब फलता-फूलता है जब चुनाव पारदर्शी, निष्पक्ष और मुक्त हों. लेकिन ऐसा लगता है कि स्वार्थी आदमी सबसे ज्यादा जोर इस बात पर देता है कि उसे हर हाल में जीत हासिल करनी है और खुद को नैतिक आग्रहों से मुक्त रखता है.”
राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाला चंदा हमेशा ही विवादों में रहा है। राजनीतिक पार्टियों को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत लाने की कोशिशों को सबसे बड़ा झटका तब लगा था जब नरेंद्र मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में हुई सुनवाई में राजनीतिक दलों को आरटीआई से बाहर रखने की पैरवी की थी। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की ताजा रिपोर्ट से एक बार फिर ये मुद्दा सुर्खियों में है। एडीआर ने पिछले चार साल में राजनीतिक दलों के मिले चंदे का विश्लेषण किया है।
उन्नाव : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को पुलिस ने उन्नाव के पास रोकते हुए हिरासत में ले लिया. उनके साथ दर्जन भर एमएलसी को भी हिरासत में लिया गया है. वह एक पूर्व विधायक की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए लखनऊ से औरेया जा रहे थे. उन्हें बीच में ही रोकते हुए पुलिस ने उन्नाव के पास से हिरासत में ले लिया. बताया जा रहा है कि पहलेे अखिलेश को कन्नौज में ही हिरासत में लेने की तैयारी थी.
बेंगलुरु । कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गरीबों को सस्ती दरों पर भोजन मुहैया कराने के लिए बेंगलुरु में इंदिरा कैंटीन लॉन्च की। इसके बारे में प्रदेश के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्वतंत्रता दिवस लोगों को जानकारी दी थी।
कैंटीन हर दिन 5 रुपये में शाकाहारी टिफिन (नाश्ता), 10 रुपये में दोपहर का भोजन और इसी दाम में रात का भोजन मुहैया कराएंगे। अक्टूबर में महात्मा गांधी के 148वें जन्मदिन के अवसर पर 97 वॉर्डों में भी ऐसी कैंटीन खोली जाएंगी।
इंदौर । मध्यप्रदेश में कथित रुप से भ्रष्ट सरकार की पोल खोलने व जन-जन के समक्ष भ्रष्टाचार की कलई खोलने के उद्देश्य से इंदौर कांग्रेस आईटी सेल द्वारा तैयार किया गया वीडियो गीत “एमपी, तूने शिवराज पर भरोसा क्यों किया?” का आज गुना के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा रेसीडेंसी कोठी, इंदौर में वीडियो व ऑडियो क्लिप का विधिवत औपचारिक रुप से जारी किया ।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में अब आर-पार की स्थिति आ गई है। नीतीश कुमार गुट ने एक अहम चाल चलते हुए बागी शरद यादव को ठिकाने लगाने की कोशिश की है। उन्हें राज्य सभा में पार्टी संसदीय दल के नेता के पद से हटा दिया है। राज्यसभा में जदयू के सांसदों ने आज (12 अगस्त को) सभापति वेंकैया नायडू से मिलकर आरसीपी सिंह को सदन में पार्टी का नया नेता बनाने का आधिकारिक पत्र सौंपा। राज्य सभा सभापति को लिखे पत्र में जदयू सांसदों ने कहा है कि उनलोगों ने सर्वसम्मति से आरसीपी सिंह को सदन में पार्टी का नया नेता चुना है। इससे एक दिन पहले शरद यादव के करीबी राज्य सभा सांसद अली अनवर को नीतीश खेमे ने पार्टी के संसदीय दल से निलंबित कर दिया था।
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद राज्यसभा के नए सभापति वेंकैया नायूड के स्वागत में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने अपने विचार रखें. उन्होंने इस मौके पर वेंकैया नायडू की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वेंकैया ने काफी नीचे से ऊपर तक का सफर तय किया. गुलाम नबी आजाद ने वेंकैया नायडू को नई जिम्मेदारी के लिए कांग्रेस की तरफ से बधाई दी. उन्होंने कहा कि हम सदन में कई मुददों को लेकर लड़ते झगड़ते रहे, लेकिन बाहर जब भी मिले तो एकसाथ रहे. गुलाम नबी आजाद के भाषण की खास बातें...
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने आज आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के साम, दाम, दंड, भेद आदि अनेकों हथकंडों के अलावा उनकी असंवैधानिक एवं अलोकतान्त्रिक नीति तथा व्यवहार के कारण आज देश में हर तरफ भय, आतंक, हिंसा, बेचैनी और अफरातफरी जैसा माहौल है.
राज्यसभा में आज तमाम दलों के नेताओं ने सभापति के रूप में हामिद अंसारी के कार्यकाल की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने इस दौरान सूझबूझ से सदन का संचालन किया
और कई महत्वपूर्ण अवसरों पर उनके अनुभव का सदन को लाभ मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली, विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने सदन संचालन में उनके लचीले रुख को भी रेखांकित किया.